
महामारी ने बदला योग दिवस का स्वरूप, घरों में मनाया गया परिवार संग योग दिवस

सदियों से योग हमारी भारतीय जीवन पद्धत्ति का एक अभिन्न अंग रहा है। यह वास्तव में स्वयं को शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से भी स्वस्थ रखने का एक विलक्षण माध्यम है। हमारे महर्षियों द्वारा प्रदत्त इस ज्ञान को हमें न केवल संजोकर रखना हैं वरन पूरी दुनिया में लोग योग अपनाएं ऐसा प्रयास भी करना है।
इसी दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने २१ जून को प्रतिवर्ष अंतराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मानाने का निर्णय लिया। आज इसकी सांतवी कड़ी में सम्पूर्ण विश्व में लोगों ने अपने अपने प्रकार से योग दिवस मनाया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गौतम बुद्ध नगर इकाई ने भी पुरे जिले में योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किये। कोरोना महामारी को देखते हुए इस वर्ष ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किये गए और घर में परिवार संग योग करने पर बल दिया गया। इसके द्वारा घर घर में योग की जागरूकता बढ़ाने और परिवार के सभी सदस्यों को योग से जोड़ने का प्रयास किया गया।
जिला कार्यवाह श्रीमान अनुज जी ने बताया कि जिले में करीब १०००० परिवारों में ३०००० से भी ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर योगाभ्यास किया। उन्होंने आगे बताया कि आज के व्यस्त और अवसादपूर्ण जीवन शैली में योगाभ्यास का महत्त्व बहुत ज्यादा है। कोरोना की महामारी में भी लोगों ने देखा कि योग हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है, इसलिए हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोगों को योग की महत्ता के बारे में जागरूक करें और योग के लिए प्रेरित करें।