दिनचर्या
सुबह
1. सूर्योदय से पहले उठना। दाहिनी ओर से उठना।
2. उठते ही दोनों हाथों को देखते हुए कराग्रे वसते . . . श्लोक कहना।
3. घर के सामने वाले प्रांगण को सबेरे और शाम को जल से सींचकर स्वच्छ करना।
4. घर के सामने रंगोली सजाना।
5. भगवान के सामने नित्य दीप प्रज्वलन करना।
भोजन
1. भोजन के लिये स्थान, समय, क्रम निर्धारण करके उसका पालन करना।
2. भोजन के पहले नैवेद्य समर्पण करके ही भोजन करना।
3. भोजन के प्रारंभ में मंत्र कहना। भगवान की प्रार्थना करना। भोजन में किसी भी पदार्थ को थाली में झूठा नहीं छोड़ना।
4. घर के सभी सदस्यों द्वारा दिन में कम से कम एक बार साथ में भोजन करना।
5. रसोई घर को बार-बार साफ करके उसका पावित्र्य रक्षण होते रहना चाहिए।
6. भोजन का स्थान भी सदा स्वच्छ रहे। उसका पावित्र्य रक्षण होते रहना चाहिए।
7. मिष्ठान को बांटकर ही खाना। अकेले नहीं खाना।
8. परोसते समय भोजन करने वालों की आवश्यकता ओर रुचि को समझकर स्रेह, श्रद्धा भक्ति से परोसना।
9. भोजन करते समय दूसरे घरों की रसोई के संबंध में नहीं बोलना चाहिए।
10. भोजन करते समय उद्वेककारी चर्चा नहीं करना। उत्तम हितकारी बातें करना।
11. पानी पीते समय धीरे-धीरे पीना। बैठकर पीना।
12. दाहिने हाथ से ही खाना। भोजन करते समय एक हाथ का ही उपयोग करना।
13. भोजन बनाते, करवाते एवं करते समय प्रसन्न मन रहना चाहिए।
14. सप्ताह में एक बार केवल फल, सब्जी, अंकुरित अनाज ताजा (बिना पकाया) खाना।
15. पथ्य, व्रत त उपवास उपवास इत्यादि इत्यादि का क्रम समझकर अभ्यास करना।
16. टेलिविजन के सामने कुछ भी न खाना न पीना।