सावधानियां
सावधानियाँ
1. हाथ, पैर, मुँह धोकर ही भोजन करना है।
2. घर व्यसन से मुक्त हो।
3. बच्चों के सामने घर की समस्याओं (विवाद, कलह, निंदा) की चर्चा न करें।
4. अपशब्द नहीं बोलना, सुनना भी नहीं।
5. बच्चों के सामने झगडा करना, गाली देना इत्यादि न करें। जाति सूचक शब्द और व्यवहार का हमारे घर में स्थान न हो।
6. गरीब और जिक्षुकों के बारे में सबको प्रीति और करुणा रहे। दान देने का संस्कार मिले।
7. विवश होकर करने वाले कामो का आदत न हो, प्रसन्नचित्त होकर ही काम करें।
8. जो देखें वो सब खरीदने की और उसमें ही गर्व करने की पाश्चात्य दृष्टि अपने घर में नहीं आने देना चाहिए।
9. घर के समारोहों में क्या करना, क्या नहीं करना ऐसी चर्चा करते तदूनुसार व्यवहार करना।
10. दहेज नहीं लेना। दहेज लेने से यही पता चलता है कि हम वध को नीचा समझते हैं।
11. सदा धन के बारे में चिन्ता, चर्चा न हो।
12. अपने पड़ोसी के घर भी अपने जैसे स्वच्छ रहें, इस हेतु प्रयास हो।
13. ईश्वर के बारे में श्रद्धा बनी रहे।
14. स्त्रियों के बारे में कभी भी तिरस्कार का शब्द प्रयुक्त ना हो। उनको सदैव आदर से संबोधित करें।
एक अनुभव – पिता और पुत्र दोनों डाक्टर। पुत्र ने ऊंची आवाज में कठोरता से बहन को पुकारा “ऐ सुशीला….!” पिता ने तुरंत पुत्र को बुलाया और पूछा ‘आनंद! किसको बुलाया?” आनंद ने कहा, “सुशीला को” पिता ने पुत्र को कहा “सुशीला इस घर की लक्ष्मी है। स्नेह और कोमलता से बात किया करो।”