
संघ ने घर-घर पहुँचाया राम मंदिर निधि समर्पण अभियान, राममंदिर से राम-राज्य तक का संकल्प

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की दो दिवसीय बैठक की शुरुआत बेंगलुरु के चेन्नहल्ली स्थित जनसेवा विद्या केंद्र में 19 और 20 मार्च 2021 को संपन्न हुई। बैठक के पहले दिन सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह भय्याजी जोशी मौजूद रहे।
दो दिवसीय बैठक के पहले दिन जो जानकारी दी गई उसके अनुसार 89% शाखाएँ दोबारा से चालू हो गई हैं। इनमें 90% शाखा युवाओं की हैं, जिसमें से 60% कॉलेज के छात्र हैं। बैठक में राम मंदिर और कोरोना काल में स्वयंसेवको की सहभागिता को लेकर भी चर्चा हुई।
बैठक में राम मंदिर निधि समर्पण अभियान को लेकर बताया गया कि इस अभियान के तहत संघ के स्वयंसेवक 5,45,737 जगहों पर गए। 20 लाख कार्यकर्ता इस समर्पण अभियान में शामिल रहे।
इस पूरे अभियान के तहत कार्यकर्ताओं के उत्साह का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मात्र सवा महीने तक चलने वाले इस निधि समर्पण के कार्य में कार्यकर्ताओं ने 12 करोड़ 47 लाख 21 हजार परिवारों से संपर्क किया। वे न केवल देश के बड़े राज्यों के छोटे कस्बों में पहुँचे, बल्कि नॉर्थ ईस्ट के गाँवों में जाकर भी स्थानीयों को इस अभियान से जोड़ा। बैठक में बताया गया कि स्वयंसेवक नागालैंड, मिजोरम, मेघायल, लद्दाख, अण्डमान के गाँव तक गए थे।
इसके अलावा बैठक में संघ द्वारा चालित सेवा भारती से जुड़े आंकड़े भी सामने रखे गए। इसमें बताया गया कि सेवा भारती की ओर से कोरोना संकट के दौरान 92,656 जगहों पर सेवा कार्य किए गए। 5 लाख 60 हजार स्वयंसेवकों ने संकट की घड़ी में सेवा भारती से जुड़कर सक्रियता से काम किया। 73,000 लोगों के घर में राशन पहुँचाए गए। 5 करोड़ लोगों को खाना बाँटा गया। 90 लाख मास्क वितरित किए गए। 20 लाख प्रवासी मजदूरों की मदद की गई और 2.5 लाख घुमंतू लोगों को सहायता दी गई।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री अरुण कुमार ने इस आयोजन से जुड़ी एक प्रेस वार्ता में कहा कि समाज में कार्यरत सामाजिक, धार्मिक संगठनों को साथ लेकर समाजव्यापी, राष्ट्रव्यापी सामाजिक शक्ति खड़ी करना ही संघ का लक्ष्य है। संघ समाज की सामूहिक शक्ति के जागरण का कार्य कर रहा है। देश समाज के लिए कार्य करने वाले समान विचार के समस्त लोगों, संगठनों को साथ जोड़ना, इस दिशा में भी संघ प्रयास कर रहा है।